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Changing weather is increasing infection | बदलते मौसम में इंफेक्शन: सर्दी-जुकाम, एलर्जी, सांस फूलना, निमोनिया, यूरिक एसिड की तकलीफ; जानें बचने के घरेलू उपाय

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नई दिल्ली7 दिन पहले

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मौसम बदलते ही सर्दी-जुकाम, इन्फेक्शन, एलर्जी की तकलीफ बढ़ने लगती है। कभी कोहरा, कभी सर्द हवाएं, कभी तेज धूप, कभी बारिश, ऐसा मौसम सेहत के लिए कितना नुकसानदेह है इसके बारे में बता रहे हैं रांची स्थित बर्लिन डायग्नोस्टिक्स में इंटरनल मेडिसिन डॉ. रविकांत चतुर्वेदी।

सर्द मौसम और प्रदूषण

सर्दियां शुरू होने से पहले कई जगहों पर पराली जलाई जाती है। उसके कारण हवा में सल्फरडाई ऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है। ऐसे में जिन लोगों को डायबिटीज, हार्ट डिजीज, थायराइड, अर्थराइटिस की प्रॉब्लम है उनके शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है। वो चाहे घर में रहें या बाहर ये समस्या लगातार बढ़ती जाती है।

इसके अलावा बदलते हुए मौसम में शरीर का तापमान घटता-बढ़ता रहता है।

जब भी कोहरा छाता है तो फेफड़ों में कफ भर जाता है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि कोहरे के समय तापमान ज्यादा रहता है। कोहरा छंटते ही बादल खुलते हैं और धूप आ जाती है। इस समय ठिठुरन बढ़ जाती है। ऐसे में बॉडी का टेम्परेचर बार-बार बदलने से शरीर में एलर्जी का लेवल बढ़ने लगता है।

सल्फरडाई ऑक्साइड और एलर्जी मिलकर फेफड़ों को जाम कर देते हैं। इससे फेफड़ों में कफ भर जाता है।

सांस की नाली सिकुड़ती है

सर्दियों में सांस की नाली सिकुड़ जाती है। इससे गले में खिचखिच, खांसी, कफ निकलना, सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। कुछ लोगों को निमोनिया तक हो जाता है। खासकर बच्चे फेफड़ों में जमा कफ बाहर नहीं निकाल पाते, जिससे उन्हें निमोनिया हो जाता है।

जिन लोगों को अस्थमा है उन्हें इनहेलर की जरूरत पड़ने लगती है। फेफड़ों में कफ ज्यादा भरने पर डॉक्टर के पास जाना जरूरी है। डॉक्टर एंटीबायोटिक दवाएं देते हैं जिससे कफ पिघलकर शरीर से बाहर आ जाता है।

आग तापना या हीटर के सामने बैठना हानिकारक

सर्दियों में बहुत देर तक आग तापने या हीटर के सामने बैठने से सही ऑक्सिडेशन नहीं हो पाता। आग और हीटर से निकलने वाली गर्म हवा फेफड़ों तक जाती है और इंफेक्शन को बढ़ा देती है। ऐसा तापमान में बदलाव के कारण होता है। बाहर बहुत ज्यादा ठंड है और घर के भीतर आग या हीटर के कारण तापमान बहुत गर्म है, इससे इंफेक्शन शुरू हो जाता है। जब भी तापमान में बहुत ज्यादा बदलाव होता है तब इंफेक्शन होने की संभावना बढ़ जाती है।

सर्दी-जुकाम के घरेलू उपाय

सर्दियों में घर से बाहर निकलते समय कान, हाथ-पैर अच्छी तरह ढंक कर रखें।

सरसों के तेल की मालिश करें। इससे ठंड का असर शरीर पर कम होता है।

हरी सब्जियां, प्याज, लहसुन आदि खाएं। इनसे इम्यूनिटी बढ़ती है और शरीर इंफेक्शन से लड़ पाता है।

हल्दी वाला दूध पिएं। इसके लिए एक गिलास दूध में एक टी स्पून हल्दी पाउडर डालकर गर्म करें और पी जाएं। इससे इंफेक्शन, सर्दी-जुकाम से राहत मिलती है।

रोजाना तुलसी का काढ़ा पीने से खांसी-जुकाम में फायदा मिलता है।

काली मिर्च पाउडर में शहद मिलाकर चाटने से बंद गला खुलता है और जुकाम में आराम मिलता है।

दूध में अदरक मिलाकर उबालें। इसे चाय की तरह गरम पीने से खांसी और कफ से छुटकारा मिलता है।

सर्दियों में रोजाना 30 ग्राम मखाना खाने से हड्डियां मजबूत रहती हैं, सर्दी-जुकाम और इंफेक्शन नहीं होता।

लहसुन की 5-6 कलियों को घी में भूनकर खाने से सर्दी-जुकाम और मौसम बदलने से होने वाला इंफेक्शन नहीं होता।

7-8 मुनक्का पानी में डालकर उबालें। जब पानी आधा रह जाए तब मुनक्कों को पानी समेत खा लें। इससे फेफड़ों में जमा कफ बाहर निकलता है।

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ठंड में नाक से खून आने की वजह, हाई ब्लड प्रेशर, इंफेक्शन, कमजोरी की वजह से फूटता नकसीर; जानें सर्दियों में हेल्दी रहना

गर्मियों में नाक से खून आना यानी नकसीर फूटना आम बात है। कई लोगों को गर्मियों में ये समस्या हो जाती है। लेकिन आप क्या जानते हैं कि सर्दियों में भी नकसीर फूटती है। सर्दियों में नकसीर फूटने की एक बड़ी वजह ब्लड प्रेशर हाई हो जाना है। ठंड के दिनों में खून और सांस की नलियां सिकुड़ जाती हैं। ऐसे में जब भी ब्लड प्रेशर बढ़ता है, तो पतली सिकुड़ी हुई खून की नालियां खून के तेज बहाव को संभाल नहीं पातीं। ये नालियां फट जाती हैं और नाक के रास्ते खून निकलने लगता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

कटे प्याज-लहलुन फ्रिज में रखने से बनेंगे जहर, लगती फफूंद, पैदा होते खतरनाक बैक्टीरिया, स्वाद भी बदलता; रखने का सही तरीका जानें

समय बचाने के लिए कई महिलाएं छिला या कटा प्याज-लहसुन फ्रिज में रख देती हैं। घर में मेहमान आने वाले हों या सुबह ऑफिस के टिफिन की तैयारी करनी हो, महिलाएं फल-सब्जियों की तरह कटे हुए प्याज-लहसुन भी फ्रिज में रख देती हैं।

फ्रिज में कटे प्याज-लहसुन रखना सेहत के लिए हानिकारक है। फ्रिज में रखने से इनका स्वाद बदल जाता है और कई हेल्थ प्रॉब्लम्स भी हो सकती हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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