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One night stand, experiment of love | वन नाइट स्टैंड, इश्क का एक्सपेरिमेंट: लड़के-लड़कियों को पार्टनर चुनने और छोड़ने का लगा चश्का, डेटिंग ऐप से बढ़ा ट्रेंड

  • February 12, 2024

नई दिल्ली3 घंटे पहलेलेखक: ऐश्वर्या शर्मा

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विदेशों की तरह भारत में भी वन नाइट का चलन तेजी से बढ़ा है। वन-नाइट स्टैंड कैजुअल सेक्स है जिसमें भावनाओं और एहसास की कोई जगह नहीं। लेकिन कुछ लोग वन नाइट स्टैंड को मोहब्बत समझ बैठते हैं तो कुछ इसे एक्सपेरिमेंट मानते हैं।

वन नाइट स्टैंड अब समाज का हिस्सा बन गया है। बॉलीवुड हो या हॉलीवुड फिल्मों और वेबसीरीज में अब यह बहुत सामान्य बात हो गई है। कुछ लोग वन स्टैंड इतना पसंद करते हैं कि वह कपड़ों की तरह रोज नए लोगों से हुक-अप करते हैं।

अब लोग रिश्ते को समय नहीं देना चाहते

सेक्स कोच पल्लवी बरनवाल कहती हैं कि जब से सोशल मीडिया का कल्चर बढ़ा है, तब से लोग रिश्तों को समय नहीं देना चाहते। पहले लोग कई साल रिलेशनशिप में रहते थे और एक-दूसरे से कमिटेंड होते थे।

रिश्तों को लेकर उनका समर्पण लैला-मजनू की तरह था लेकिन अब लोग वन नाइट स्टैंड को पसंद करते हैं क्योंकि इसमें किसी तरह का जिंदगीभर साथ चलने का वादा नहीं है।

आज के युवा खुलकर अपने लिए विकल्प चुनते हैं। अगर उन्हें एक इंसान पसंद नहीं आता तो वह तुरंत दूसरे के साथ संभावनाएं तलाशने लगते हैं।

रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स मानते हैं कि वन नाइट स्टैंड जैसे रिलेशन बनाने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन साथ में सावधानी बरतनी भी जरूरी है।

सेक्शुअल कंपैटिबिलिटी जरूरी

पार्टनर के बीच इमोशनल और फिजिकल कंपैटिबिलिटी जरूरी है। लेकिन अब लोगों को इमोशन नहीं, अपनी सेक्शुअल कंपैटिबिलिटी टेस्ट करनी होती है। पल्लवी के अनुसार वह जिंदगी में सेक्शुअल प्लेजर चाहते हैं। इसलिए वह कैजुअल सेक्स पर ज्यादा विश्वास करते हैं।

पल्लवी ने एक केस साझा किया। डेटिंग ऐप पर एक लड़का एक लड़की से मिला। लड़की ने उसे मिलने बुलाया। जब वह लोकेशन पर पहुंची तो वह अपने साथ एक और लड़का लेकर आई। दरअसल वह लड़की उन दोनों लड़कों के साथ कैजुअल सेक्स करना चाहती थी लेकिन दोनों लड़कों ने मना कर दिया।

सेक्स कोच कहती हैं कि आज लड़के हो या लड़की, वह अपनी सेक्शुएलिटी को लेकर खुलकर बात करने लगे हैं। उन्हें अपनी सेक्शुएलिटी को एक्सप्लोर करना है। वह अपनी इच्छाओं को दबाते नहीं हैं।

डेटिंग ऐप ने बढ़ाया क्रेज

कैजुअल सेक्स के लिए डेटिंग ऐप सबसे आसान प्लेटफॉर्म है क्योंकि इस पर अधिकतर यूजर नॉन-सीरियस रिलेशनशिप के लिए अकाउंट बनाते हैं। यहां लोगों का फंडा क्लियर है कि उन्हें बिना किसी वादे के हुकअप करना है।

वह रिलेशनशिप की सिरदर्दी नहीं चाहते। इसमें ना रोना-धोना है और ना किसी से जिंदगी भर जीने-मरने का वादा। कई युवा कमिटमेंट और ब्रेकअप से बचने के लिए वन नाइट स्टैंड करते हैं।

डेटिंग गुरू प्रतीक जैन कहते हैं कि कई लोग प्यार में नहीं पड़ना चाहते लेकिन संबंध बनाने की इच्छा जरूर रहती है इसलिए वह डेटिंग ऐप्स पर ऐसे इंसान की तलाश करते हैं जो उनकी इस इच्छा को पूरी करें और बाद में कोई संपर्क भी ना रहे।

लड़कियां को कुंवारेपन की चिंता नहीं सताती

पल्लवी कहती हैं कि एक जमाना था जब मां-दादी कहती थीं कि जो करना है शादी के बाद करना। लेकिन जब से लड़कियां कमाने लगी हैं और फाइनेंशियली मजबूत बनी हैं, तब से वह अपनी संबंध बनाने की इच्छाओं का इजहार भी खुलकर कर रही हैं।

अब वर्जैनिटी उनके लिए बड़ा मुद्दा नहीं है। वह अपनी खुशी के लिए अपने फैसले खुद ले रही हैं। ऐसे में अगर उन्हें किसी अजनबी के साथ वन-नाइट स्टैंड करना है, तब भी वह नहीं शर्मातीं।

पार्टनर के ज्यादा ऑप्शन करते बोर

लड़कों के मुकाबले लड़कियों के पास वन-नाइट स्टैंड के ज्यादा विकल्प होते हैं। अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन की एक रिपोर्ट के मुताबिक जिनके पास साथी चुनने के ज्यादा विकल्प होते हैं, वे हफ्ते भर में ही डेटिंग ऐप पर मिले इंसान से बोर हो जाते हैं।

एक रात बिताने के बाद वह उस इंसान को भूलकर दूसरे की तलाश में जुट जाते हैं। इस तरह उनकी बेहतर साथी की तलाश कभी खत्म नहीं होती। एक सर्वे में सामने आया कि लड़कियों की ढेर सारे लोगों से बातचीत और डेटिंग, फ्रस्ट्रेशन की वजह बन जाती है।

महिलाएं गुड लुकिंग लड़के से जल्दी करती हुक-अप

वन-नाइट स्टैंड के लिए महिलाएं हैंडसम और गुड लुकिंग लड़कों की तलाश करती हैं। दरअसल, वह ऐसे लड़कों को देखकर उत्साहित होने लगती हैं। कहीं ना कहीं वह यह भी सोचती हैं कि जो लड़का खुद पर इतना ध्यान देता है, वह साफ-सफाई से रहता ही होगा।

हाइजीन लड़कियों के लिए एक बड़ा मुद्दा होता है लेकिन जो लड़के कैजुअल सेक्स चाहते हैं, उनके लिए पार्टनर का चेहरा या उनकी लुक मायने नहीं रखता। उन्हें बस संबंध बनाना होता है।

वन-नाइट स्टैंड डिप्रेशन की तरफ इशारा

मनोचिकित्सक राजीव वर्मा कहते हैं कि जो लोग अपनी जिंदगी से निराश होते हैं या उनका ब्रेकअप हुआ होता है, वह वन नाइट स्टैंड को ज्यादा पसंद करते हैं। जो लोग कैजुअल सेक्स की सोच रखते हैं, उनकी मेंटल हेल्थ खराब होती है और आत्म सम्मान की भी कमी होती है।

ऐसे लोग दूसरे लोगों से हुक-अप कर अपनी तारीफ सुनना चाहते हैं। अगर ऐसा नहीं होता तो वह चिड़चिड़े हो जाते हैं। ऐसे लोग डिप्रेशन और एंग्जाइटी के भी शिकार होते हैं।

हर नए पार्टनर के साथ बढ़ता स्ट्रेस

वन-नाइट स्टैंड डेटिंग ऐप के स्वाइप की तरह है। प्रोफाइल यानी इंटिमेसी पसंद आए तो राइट स्वाइप और नापसंद आए लेफ्ट स्वाइप यानी अगली रात नया पार्टनर। जब बार-बार पार्टनर ना पसंद आए स्ट्रेस बढ़ता है।

ऐप पर जैसे स्वाइपिंग का दौर कभी खत्म ही नहीं होता, ठीक वैसे ही कैजुअल सेक्स को पसंद करने वाले लोगों को कभी भी किसी एक इंसान से संतुष्टि नहीं मिलती। इसकी सबसे बड़ी वजह यही है कि वह खुद से संतुष्ट नहीं होते।

वन-नाइट स्टैंड के बाद महिलाओं को पछतावा

नॉर्वे की नॉर्वेजिअन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नॉलोजी में छपी एक स्टडी में सामने आया कि वन-नाइट करने वालीं महिलाओं में से 35% को ऐसा करने के बाद पछतावा हुआ।

वहीं पुरुषों को ऐसा महसूस नहीं हुआ। इसका सबसे बड़ा कारण है कि महिलाओं को प्रेग्नेंसी की चिंता ने घेर लिया और वह अपने पार्टनर से प्रोटेक्शन का इस्तेमाल ना करने से नाखुश थीं।

कई महिलाओं ने इसके बाद खुद को इस्तेमाल होने जैसा महसूस किया। कैजुअल सेक्स के बाद कम ही महिलाओं ने पॉजिटिव महसूस किया। ज्यादातर महिलाओं ने इस बारे में सोचा कि उन्होंने कैसे अपनी बॉडी किसी अनजान को सौंप दी।

वन नाइट स्टैंड का यह रिग्रेट यानी दुख ठीक वैसा था जैसे फिल्म ‘फैशन’ में प्रियंका चोपड़ा को वन नाइट स्टैंड करने के बाद हुआ था।

ग्राफिक्स: सत्यम परिडा

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