0

Pizza Love in Valentine Week, World Pizza Day – February 9, 2024 | वैलेंटाइन वीक में पिज्जा प्रेम: महारानी से मोहब्बत जताने के लिए राजा ने बनवाया स्पेशल पिज्जा; इश्क के इजहार में बना मेजबान

Share

  • Hindi News
  • Women
  • Pizza Love In Valentine Week, World Pizza Day February 9, 2024

नई दिल्ली3 घंटे पहलेलेखक: ऐश्वर्या शर्मा

  • कॉपी लिंक

पहले मैदा की सपाट और चौकोर रोटी बनी, फिर ये धीरे धीरे गोल हो गई। फिर इस रोटी को नमक, लहसुन, मीट और प्रोसेस्ड चीज से सजाकर खाया गया।

इसके बाद प्याज, सूखे टमाटर, बेसिल, ऑलिव, रेड पेपर, शिमला मिर्च, कॉर्न और पनीर ने इस गोल रोटी को और सजाया जिसने एक नया रॉयल लुक दिया। साथ ही इस रोटी को नाम मिला पिज्जा। पिज्जा लैटिन शब्द ‘पिन्सा’ (pinsa) से बना जिसका मतलब है फ्लैट ब्रेड।

आज दुनियाभर में खाने के शौकीन पिज्जा दीवाने बन चुके हैं। भारतीय भी इस पिज्जा की दीवानगी से बच नहीं सके। पिज्जा प्रेम आज हर एज ग्रुप में देखने को मिल रहा है। बच्चों और युवाओं के बीच पिज्जा के स्वाद की दीवानगी तो देखते ही बनती है?

9 फरवरी को ‘वर्ल्ड पिज्जा डे’ सेलिब्रेट किया जाता है। पिज्जा की कहानी सदियों पुरानी है। वैलेंटाइन वीक के तीसरे दिन आज जानते हैं पिज्जा का स्वाद से रोमांटिक सफर।

पिज्जा बेस भी वक्त के साथ धीरे धीरे बदला, मोटापे को ध्यान में रखकर पिज्जा बेस यानी पिज्जा रोटी कहीं मोटी तंदूरी रोटी-सा लगती तो कहीं थिन क्रस्ट पिज्जा की डिमांड आने लगी।

कुछ का स्वाद यहां भी नहीं थमा और चीज बर्स्ट पिज्जा यानी चीज से सराबोर पिज्जा की डिमांड आने लगी। पिज्जा की जन्मभूमि इटली ही क्यों ना हो, लेकिन खानपान और स्वाद के मामले में पिज्जा ने हर देश के नागरिक के दिल और जुबान पर जगह बनाई और पिज्जा बन बैठा इंटरनेशनल स्वाद का शहंशाह।

गरीबों की प्लेट में दिखता था पिज्जा

फूड इतिहासकार मानते हैं कि पर्शिया (ईरान) के सैनिक सपाट ब्रेड पर चीज और खजूर रखकर खाते थे। धीरे-धीरे यह ब्रेड ग्रीस पहुंची, जहां इसे ‘पिट्‌टा’ नाम दिया गया।

7 हजार साल पहले इटली के सार्डिनिया में लोग पिज्जा जैसी रोटी खाया करते थे। लेकिन मॉडर्न पिज्जा का जन्म 223 साल पहले इटली के नेपल्स में हुआ। यह गरीबों के बीच सबसे पॉपुलर स्ट्रीट फूड था क्योंकि यह बेहद सस्ता बिकता।

इस ‘फ्लैट ब्रेड’ पर लहसुन, नमक, मीट और चीज की टॉपिंग या केवल टमाटर की चटनी डाली जाती थी।पिज्जा के ठेलों पर हमेशा भीड़ लगी रहती। आज इंडिया में भी पिज्जा बड़े बड़े रेस्तरां से निकलकर बर्गर की तरह ठेलों पर बिकने लगा है और यही पिज्जी के पॉपुलर होने की निशानी।

इटली की महारानी ने चखा तो बन गया रॉयल फूड

इटली की महारानी मार्गेरिटा रोज-रोज फ्रेंच खाना खाते-खाते बोर गईं। उस जमाने में यूरोप के राजघरानों में फ्रेंच फूड ही रॉयल फूड कहलाता था।

ऐसे में अपनी पत्नी को खुश करने के लिए राजा एम्बर्टो ने महारानी के साथ 1889 में नेपल्स का दौरा किया। उनके सम्मान में नेपल्स के पिज्जा मेकर और शेफ रफ्फाएले एस्पोसिटो (Raffaele Esposito) ने महारानी के लिए 3 अलग-अलग तरह के पिज्जा बेक किए।

महारानी ने टमाटर, बेसिल (तुलसी) और मोजरेला चीज वाला पिज्जा खाना पसंद किया। बाद में यह ‘मार्गेरिटा’ पिज्जा के नाम से मशहूर हो गया। इस पिज्जा के आज भी लाखों लोग दीवाने हैं।

'मार्गेरिटा' पिज्जा को जिन टॉपिंग्स से सजाया गया, वह रंग इटली के झंडे में भी देखे जा सकते हैं।

‘मार्गेरिटा’ पिज्जा को जिन टॉपिंग्स से सजाया गया, वह रंग इटली के झंडे में भी देखे जा सकते हैं।

अमेरिका ने बनाया पिज्जा को मशहूर

पिज्जा भले ही इटली में बेक हुआ हो, लेकिन दुनियाभर के घरों में पिज्जा पहुंचाने में अमेरिका का हाथ है। 19वीं शताब्दी में जब नेपल्स से कुछ लोग अमेरिका पहुंचे तो अपने साथ पिज्जा की रेसिपी भी ले गए। 1905 में न्यूयॉर्क में पहला लॉबार्डीज (Lombardi’s) नाम से पिज्जा आउटलेट खुला। इसके बाद पिज्जा की पॉपुलैरिटी ऐसी बढ़ी की यह धीरे-धीरे दुनियाभर में मशहूर होने लगा।

भारत में पिज्जा की एंट्री 1980 में हुई। तब यह लोकल बेकरी या लोकल रेस्टोरेंट तक ही सीमित था। लेकिन जब पिज्जा बनाने वाली अमेरिकन कंपनी डोमिनोज ने 1996 में भारतीय बाजार में कदम रखा तो कंपनी ने इसका जमकर प्रमोशन भी किया। हर छोटे-बड़े शहर में डोमिनोज के आउटलेट खुले।

जब कंपनी ने 30 मिनट में पिज्जा की होम डिलीवरी करनी शुरू की तो इसकी पहुंच घर-घर तक बढ़ गई। ‘हंग्री क्या’ कहकर पिज्जा को पॉपुलर करने वाले डॉमिनोज ने भारतीय युवाओं की भूख खोल दी।

इटैलियन पिज्जा सबसे जुदा

इंडिया में पिज्जा भले ही भारतीयों के टेस्ट के हिसाब से मसालेदार और तीखा बनाया जाता है लेकिन इटली में बनने वाला ऑरिजनल पिज्जा बहुत अलग है। शेफ रांची गुप्ता कहती हैं कि इटली में बनने वाला पिज्जा भारत की तरह मोटे बेस का नहीं होता।

वहां थिन बेस को फ्रेश यीस्ट (खमीर) से बनाया जाता है और हाथों की मदद से गोल आकार दिया जाता है।

इटली में पिज्जा सॉस सैन मार्जानो (San Marzano) नाम के इटैलियन टमाटर से बनाई जाता है। यह टमाटर आचार डालने वाली मोटी लाल मिर्च की तरह लंबे और मोटे होते हैं। इनमें गूदा ज्यादा और बीज ना के बराबर होते हैं। वहां बिना सॉस के भी पिज्जा बिकता है जिसे बिआन्का (bianca) कहते हैं। बिआन्का में केवल ऑलिव ऑयल लगाया जाता है।

यही नहीं, इटैलियन पिज्जा की टॉपिंग भी उसे अलग बनाती है। इस पिज्जा पर बैंगन (एग प्लांट), आर्टिचोक, चुकंदर, कद्दू, सॉल्टी केपर्स (जैतून जैसा फल जो नमकीन होता है) और ट्रफल (रूद्रांश की तरह दिखने वाली मशरूम) की टॉपिंग भी मिलती है।

भारत पहुंच पिज्जा ने लिया देसी अवतार

भारत को अंग्रेजी में ‘लैंड ऑफ चपाती’ कहा जाता है। भारतीयों की खुराक में रोटी अहम है। पिज्जा भले ही इटैलियन है लेकिन भारतीय रोटी से काफी-मिलता जुलता है। फूड एक्सपर्ट मानते हैं कि इंडिया में पिज्जा की पॉपुलैरिटी इस वजह से ज्यादा हुई क्योंकि यह दिखने में सभी को अपना-सा लगा।

यह भी एक कारण है कि भारतीयों ने पिज्जा को अपने स्वाद के हिसाब से बदल लिया।

देश-विदेश में 500 से ज्यादा जगहों के पिज्जा चख चुके फूड ब्लॉगर रोहित मावले कहते हैं कि जैसे घरों में दाल-चावल, सब्जी-रोटी खाई जाती है, अब पिज्जा भी रोजमर्रा के खाने में शामिल हो चुका है। अब छोटे-बड़े रेस्टोरेंट में नॉर्थ इंडियन, साउथ इंडियन, चाइनीज कुजीन के साथ ही मेन्यू में पिज्जा भी देखने को मिलता है यानी अब यह एक्सक्लूसिव फास्ट फूड नहीं रहा।

शुरुआत में जब भारत में पिज्जा आया, तब उसे एग्जॉटिक वेजिटेबल यानी महंगी विदेशी सब्जियों से सजाया जाता था। तब हिंदुस्तान में इन सब्जियों को बाहर से मंगवाया जाता था, लेकिन अब ये सब्जियां भी भारत में उगाई जाने लगी हैं।

शुरुआत में पिज्जा के फ्लेवर भी लिमिटेड थे। लेकिन धीरे-धीरे इसमें एक्सपेरिमेंट हुआ और बटर मखनी, पनीर मखनी, पनीर टिक्का, बारबेक्यू चिकन टिक्का पिज्जा जैसे फ्लेवर के पिज्जा भारतीयों की प्लेट में सजने लगा।

अब पिज्जा सॉल्टी ही नहीं, फ्रूट और चॉकलेट डालकर स्वीट भी बन गया है।

ग्लूटन फ्री पिज्जा टेस्टी भी, सेहतमंद भी

फूड ब्लॉगर रोहित मावले के अनुसार अब पिज्जा हर तरह के स्वाद का मजा लेने वालों के लिए मौजूद है। जिन लोगों को ग्लूटन से एलर्जी है, अब उनके लिए ग्लूटन फ्री पिज्जा भी मौजूद है। इस पिज्जा में ज्वार और बाजरे के आटे से बेस तैयार किया जाता है जो एक हेल्दी ऑप्शन है।

अब वीगन पिज्जा भी मिलने लगा है। इसमें प्लांट बेस चीज का इस्तेमाल होता है। रोहित मावले कहते हैं,मैंने काजू से बनी चीज का भी पिज्जा खाया है।

वहीं, जैन पिज्जा बिना प्याज-लहसुन के बेक किया जा रहा है। पहले अवन में ही पिज्जा बनते थे, लेकिन अब कई रेस्टोरेंट में वुड फायर में पिज्जा भी बेक हो रहे हैं। इस पिज्जा में स्मोकी फ्लेवर मिलता है और वुड फायर ही पिज्जा को पकाने का सही और असली तरीका है।

दिल की बीमारियों और मोटापे का बन रहा कारण

पिज्जा में भले ही कई तरह की सब्जियों की टॉपिंग डाली जाती हैं, लेकिन यह अनहेल्दी फास्ट फूड की कैटिगरी में ही आता है।

पिज्जा का बेस मैदा का बना होता है जो सेहत का दुश्मन है। इसके अलावा इसमें पड़ी सॉस में आर्टिफिशियल कलर, आर्टिफिशियल स्वीटनर और प्रिजर्वेटिव होते हैं। प्रोडेस्ड चीज में हाई सैचुरेटेड फैट होता है।

अगर पिज्जा रेगुलर खाया जाए तो कोलेस्ट्रोल बढ़ने लगता है जिससे दिल की बीमारी घेर सकती है। नॉनवेज पिज्जा की टॉपिंग कैंसर कर सकती है।

पिज्जा मोटापे को भी बढ़ावा देता है। इसके एक तिकोने रंग-बिरंगे स्लाइस में 400 कैलोरीज होती हैं। यानी पूरा पिज्जा खाते ही आपकी बॉडी में 1600 कैलोरीज पहुंच जाती हैं।

हर इंसान को एक दिन में 2 हजार कैलोरीज ही जरूरत होती है। ऐसे में पिज्जा खाने से बॉडी में ज्यादा कैलोरीज पहुंचती हैं जिससे मोटापा तेजी से चढ़ता और बढ़ता है।

अंतरिक्ष तक पहुंचा पिज्जा

2001 की बात है। रशियन स्पेस एजेंसी ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन तक 6 इंच का पिज्जा पहुंचाने के लिए 8 करोड़ रुपए खर्च किए।

रूस के यूरी उसाचोव (Yuri Usachov) पहले ऐसे एस्ट्रोनॉट बने जिन्होंने स्पेस में पिज्जा का मजा लिया। यह पिज्जा अमेरिका की मशहूर कंपनी ‘पिज्जा हट’ ने बेक किया था।

वैलंटाइन वीक, बर्थडे, प्रमोशन, क्रिकेट मैच हो या गेट टुगेदर, पिज्जा हर सेलिब्रेशन में सबकी पहली पसंद होता है। पिज्जा के स्वाद के दीवानों को पिज्जा खाना मुबारक हो। पिज्जा खाएं जरूर लेकिन सेहत का भी ध्यान रखें।

ग्राफिक्स: सत्यम परिडा

नॉलेज बढ़ाने और जरूरी जानकारी देने वाली ऐसी खबरें लगातार पाने के लिए डीबी ऐप पर ‘मेरे पसंदीदा विषय’ में ‘वुमन’ या प्रोफाइल में जाकर जेंडर में ‘मिस’ सिलेक्ट करें।

#Pizza #Love #Valentine #Week #World #Pizza #Day #February #वलटइन #वक #म #पजज #परम #महरन #स #महबबत #जतन #क #लए #रज #न #बनवय #सपशल #पजज #इशक #क #इजहर #म #बन #मजबन